Saturday, 11 August 2012


11/08/2012
हम भारत के रहने वाले हैंजहाँ राम-कृषण अवतार हुए 
दुष्टों का दमन करने को यहाँ रण-वान्कुरे वीर महान हुए  
यह धरती है बाबा  नानक कीजहाँ दस गुरु अवतार हुए 
धरम की रक्षा करने में तनधनपरिवार सभ वार दिए  
जालम हकूमत यवनों-मुगलों की, यहाँ कितने अत्याचार हुए           
भोली-मासूम सी जनता के यहाँ उनसे शोषण बारम्बार हुए 
लालच और डर दो बातें हैं जो इनके आगे झुक कमज़ोर हुए   
बुझदिल कितने धरम बदल कर अत्याचारिओं के साथ हुए 
ज़मीर ही जिनकी बिक गइ हो वोह जिन्दा क्या? हैं मरे हुए 
इन्सानियत को ना हो समझा जिन्होंने वोह केसे इन्सान हुए
निरदई हो कर जो लूटें-मारें ऐसे शैतान जन्म-जात हैवान हुए 
कितनो ने धरम और देश को माना वे जीवन दे कुरवान हुए  
शिवाजी थे एक मरहट्टा-योधा, मराठों के वे गौरव अमर हुए  
ऐसे वीर सपूत और कितने हुए हैं और कितने ऐसे सफल हुए  
जिन देश-धरम को ना समझा और न कोई अच्छे करम किये  
व्यर्थ ही बोझ बन धरती पर वोह पाप कमाने को जन्म लिये

No comments:

Post a Comment